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Zindagi ka safar / Journey of life / जिंदगी Life in Hindi ( Poem ) Poetry .

जिंदगी Zindagi Ka Safar

 

 

अभी हौसला बाकी  है मुझ में , गिरा नहीं हू में।

ज़िन्दगी के सफर- इम्तेहान में , हारा नहीं हू में।

दो पल की है ए ज़िन्दगी  , लेकिन में कुछ पाना चाहता हु।

खोने के लिए तो कुछ नहीं , पर थोड़ा जीना चाहता हु।

ज़िन्दगी तुम चाहो जितना सतालो , ऐसा तो कुछ कर जाऊँगा।

याद करेगी दुनिया मुझको , ऐसा मक़ाम में बनाऊंगा।

अभी हौसला बाकी है मुझमे, गिरा नहीं हू में।

ज़िन्दगी के  सफर – इम्तेहान में , हारा नहीं हू में।

 

Zindagi ________

 

realindiaguru

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