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मेहनत की कमाई mehnat ki kamai in hindi Quotes

मेहनत की कमाई Hard work mehnat ki kamai .

Hard work mehnat ki kamai

 

Hard work mehnat ki kamai .

एक गाँव में बहुत ही बड़े धनवान सेठ जी रहा करते थे. उनको एक लड़का एक लड़की थी.

लड़के का नाम सुनील था,  सुनील बहुत ही कामचोर और नाकारा आलसी था. घर में बहुत

पैसा गाड़ियाँ ऐश व आराम था और एकलौता लड़का रहने के वजह से कोई बात की फ़िक्र

नहीं थी, लेकिन अब वह 21 साल का हो चूका था.

 

सेठ जी को अब बहुत फ़िक्र हो रही थी की इस लड़के का आगे क्या होगा, समंदर का पानी

भी ख़तम होता है,ये लड़का काम नहीं करेगा तो मेरी धन दौलत कितने दिन जाएगी एक

दिन तो ख़तम हो जाएगी फिर इस लड़के का क्या होगा?

 

दुसरे दिन सुबह सेठ जी ने सुनील को बुला कर कहा आज तुम कुछ भी काम कर के

100 रूपये ले कर आना नहीं तो आज से घर पे खाना नहीं मिलेगा न घर में रहने दिया

जायेगा. अब सुनील को कुछ समझ नहीं आ रहा था, अब मैं क्या करू? कहा जाकर पैसे

कमाकर लाओ, ऐसा सोच ही रहा था उसके दिमाग में एक idea आई, वह अपने बहेन के

पास गया और उस से 100 रूपये मांग कर सेठ जी को लेजाकर दिए, लेकिन सेठ जी को

मालूम था यह पैसे इसने किस से लिए हैं, सेठ जी ने उस से 100 रूपये हाथ से छीन कर

घर के आगे वाले कुंवे ( बावली ) में फेक दिए.

 

अगले दिन सुनील ने माँ से 100 रूपये लिए , सेठ जी ने फिर से वही किया छीन कर कुंवे

में फेक दिए, अब तीसरे दिन सुनील को पैसे देने वाला कोई नहीं था, इसीलिए सुनील काम

के लिए घर से बाहर निकला दोपहर के 12 से 1 बज गए , लेकिन कोई काम नहीं मिल रहा था ,

सुनील को भूक भी बहुत लगी थी लेकिन वोह घर नहीं जा सकता था, वह स्टेशन की ओर

निकला स्टेशन एक ट्रेन आई थी, पैसेंजर स्टेशन से बहार निकल रहे थे , एक आदमी 2 बड़ी

बड़ी वजन बैग लेकर सुनील को दिखा, वह दौड़ता हुआ उस आदमी के पास गया उस को हमाल

की ज़रुरत थी , वह 2 बैग सर पे लेकर चलने लगा भारी वज़न के कारण सुनील का पसीना निकल

रहा था, वह बहुत ही ज्यादा परेशान हो गया था जैसे-तैसे उसने उस आदमी का सामान घर तक

पहुचाया, उस आदमी ने सुनील को काम के 50 रूपये दिए.

 

वह 50 रुपए सुनील ने सेठ जी को ला के दिए , उसको लगा 2 दिन से जैसे पैसे कुंवे में फेक रहे है

वह गुस्से से बोला 50 रुपए कमाने के लिए मुझे कितनी मेहनत करनी पड़ी , पेट में खाना नहीं है ,

काम के लिए दर दर की ठोकरे खाना पड़ी मुझे जब जा कर 50 रुपए कमाए है , और आप इसे कुंवे

में फेक रहे हो, सेठ जी ने सुनील को नज़दीक लिया उसके सर पे हाथ फेरा और कहा 2 दिन से मैंने

इस से चौगुने पैसे फेक दिए तब तुम्हे गुस्सा नहीं आया क्यों की उस में तुम्हारी कोई मेहनत नहीं

लगी थी , इसलिए उन पैसो का तुमको कोई एहसास नहीं हुवा , लेकिन आज तुमने अपने पसीने

की कमाई की है , एक बात याद रखना खून-पसीने की कमाई ही सच्ची कमाई होती है , अब मुझे

फ़िक्र करने की कोई ज़रुरत नही रही है ……

 

realindiaguru

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